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छात्रों में जीवन कौशल का क्या महत्व है?

 छात्रों में जीवन कौशल का महत्व 

परिचय 

          जीवन में सफल होने के लिए कुछ कौशल आवश्यक है कठिनाइयों से जूझने के लिए तैयार रहना होगा, व्यवहारिक ज्ञान की आवश्यकता होती है, यहां बात करते हैं छात्रों में जीवन कौशल क्या महत्व है, जीवन कौशल होते क्या है, जिनसे आत्मबल बढ़ता है, और व्यक्ति आत्मनिर्भर बनता है l दैनिक जीवन में बहुत सी चुनौतियां आती हैं उनसे प्रभावी तरीके से निबटना जीवन कौशल होता है, इनसे जीवन आसान होता है l आसान भाषा में यहां समझते हैं, यह एक जीवन जीने की कला है l पुस्तकों का ज्ञान और व्यवहारिक ज्ञान में बहुत अंतर होता है l जीवन कौशल एक अनौपचारिक शिक्षा है l जिसको व्यक्ति विद्यालय से बाहर सीखता है l और किसी भी समस्या को हल करने में सक्षम होता है l इस लेख में समझने का प्रयास करते हैं कि क्या हर बच्चे को बचपन से ही एक मजबूत नींव बनाई जा सकती है जिससे वह भविष्य में एक सक्षम इंसान बन सकें l आज के छात्र कल के नागरिक हैं l उनमें अच्छे गुणों का होना आवश्यक है l 

छात्रों में जीवन कौशल का क्या महत्व है
छात्रों में जीवन कौशल का क्या महत्व है 

आवश्यक जीवन कौशल 

1. स्वजागरुकता (self care)

       अपने स्वास्थ्य के लिए छात्रों को जागरूक करना, जैसे समय पर सोना, भोजन करना, साफ सफाई करना, व्यायाम करना, इसमें शामिल है l इनके अलावा जब भी उदास महसूस हो छुपाने के बजाय बड़ों से बात करें l अपने शरीर और मन दोनों का ध्यान रखें l बचपन में ही जब बच्चा ये सब सीख लेता है तो आगे जीवन में उलझनों को बेहतर तरीके से सुलझा सकता है l 

2. प्रभावी संवाद (Effective communication)

       अपनी बात को ठीक तरीके से कहना आना जरूरी है जिससे सामने वाला आपकी बात समझ सके l किसी बात को कहने से पहले ध्यान से पहले सोचें, क्या कहना है कैसे कहना है, किससे कहना है l इसी के साथ सामने वाले की बात को ध्यान से सुनना भी जरूरी है l विनम्रता से अपनी बात को कहना जीवन में सफल बनाता है l 

3. समस्या समाधान (Problem solving)

         जीवन में हर किसी को कभी न कभी परेशानी का सामना करना पड़ता है, बच्चों को यह सीखना चाहिए कि जब भी कोई समस्या आए घबराना नहीं, शांत दिमाग से उसका हल ढूंढना है l किसी भी समस्या को छोटे छोटे हिस्सों में बाटे, क्या हुआ, क्यों हुआ, मैं क्या कर सकता हूं, समस्या का समाधान निकालने की आदत डालें l हर समस्या का समाधान जरूर होता है l 

4. समय प्रबंधन (Time management) 

      अपने काम को इस तरह बांटना कि सभी काम जो सोचे समय में पूरे हो जाएं, हर किसी को बराबर 24 घंटे ही मिलते हैं, समय पर काम होने पर तनाव नहीं होता, इसलिए दिनभर के काम जैसे पढ़ाई, खेल, खाना, आराम, होमवर्क, सभी का समय निश्चित करें l इससे सभी काम आसानी से हो जायेगे l 

5. निर्णय लेने की क्षमता (Decision making)

          बच्चों को यह सीखना कि मेरे लिए क्या सही है और क्या गलत ,  फैसला करने से पहले सोचें फिर चुनाव करें l कोई भी निर्णय लेने से पहले सोचें, क्या खाएं, क्या पहने, किससे दोस्ती करें, उसके अच्छे और बुरे पक्ष पर विचार करें l जब यह योग्यता आ जाती है तो इससे आत्मविश्वास बढ़ता है l 
छात्रों में जीवन कौशल

      छात्रों में जीवन कौशल 

6. भावात्मक समझ (Emotional intelligence) 

        सभी में भावनाएं होती हैं, कभी खुश होते हैं, कभी दुःखी होते हैं कभी डर लगता है, इन भावनाओं को समझना आना चाहिए l जब नाराज या उदास हो परिवार से दोस्तों से बात करें, दूसरों की भावनाओं को समझना चाहिए l इससे भावनात्मक रूप से मजबूत होते हैं l 

7. आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking)

           आजकल बच्चे बहुत कुछ देखते हैं, सुनते हैं, पढ़ते हैं, उनको यह सीखना होगा कि बिना सोचे समझे हर बात को नहीं मानना, पहले उस पर सोचे, सवाल करें और अपनी समझ से फैसला लें l अपने आप से सवाल करें क्या ये सही है, यह सोच निर्णय लेने में आपकी बहुत मदद करेगी l 

8. रचनात्मकता (Creativity)

           अपनी कल्पना और सोच से कुछ नया बनना रचनात्मक होता है, कुछ बच्चे पेंटिंग, कहानी लिखना, नाचना, गाना खेल का नया तरीका आदि जानते हैं, ऐसे बच्चों को प्रोत्साहन देना चाहिए, खुले दिमाग 3से जब बच्चा सोचता है उससे कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास बढ़ता है l 

9. सीखते रहने की आदत (Lifelong Learning)

        सीखना एक ऐसी प्रक्रिया है जो जीवन भर चलती रहती है, किताबों से तो हम सीखते ही हैं, दूसरों से बातचीत करके, खेलकूद से या फिर किसी की गलती से भी सीखते हैं l बच्चों में यह आदत डालनी होगी कि वे नया जानने की कोशिश करें समझ न आने पर पूछने की आदत डालें l यह आदत समझदार इंसान बनती है l 

10. परिवर्तन के साथ सामंजस्य (Adaptability)

         बच्चे अपने को हालात के अनुसार अपने को ढाल लें, वे हर परिस्थिति में खुश रह सके ऐसा उन्हें बनना है, जीवन हमेशा एक जैसा नहीं रहता, वे परिवर्तन को स्वीकार कर सके ये गुण बच्चों में लाना जीवन कौशल होता है l इससे बच्चे समझदार बनते हैं l और हर परेशानी को हल कर सकते हैं l 

निष्कर्ष 

            जीवन कौशल एक जीने की शैली है जैसे किसी पौधे को सींचते है वह धीरे धीरे बड़ा होता है, शाखा निकलती हैं, और एक दिन मजबूत पेड़ बन जाता है, ऐसे ही छात्रों में जीवन कौशल का क्या महत्व है, सरल भाषा में समझा जा सकता है l बचपन से ही बच्चों में अगर सोचने समझने की शक्ति निर्णय लेने की क्षमता, भावात्मक रूप से मजबूत होना, संतुलित जीवन जीने की कला आ जाती है तो एक सभ्य नागरिक बनता है l इसलिए सभी माता पिता, अभिभावक और शिक्षक बच्चों में इन कौशलों को दिन चर्या का हिस्सा बनाने में लगे हैं l इसके लिए सभी का सहयोग की जरूरत है l इस लेख में आपको कुछ भी अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों से शेयर करें l 































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